चाँद।।।।

किसी  को दाग समेत अपना सको,,,
तो हि
उसे चाँद बुलाना।।।।


             उसकी सादगी तो,
कश्मीर से भी
ज्यादा खुबसुरत है!!


बस तुझसे एक मुलाकात की
ख़्वाहिश है
यूँ तो मेरे फोन में तेरी
तस्वीरे बहुत सारी है।।


हमको पाकर भी ,,,
वो
हमसे बेहतर कि तलाश में है।।।



नाराज़ होके भी नाराज़ नहीं होते तुमसे,,,
कुछ ऐसी मोहब्बत करते है तुमसे।।।।


एक ही ख्वाब ने रात भर जगाये रखा मुझे,,
मेने हर करवट सोने कि कोशिश की।।।।


कौन कहता है कि….. दिल दो नही होते…
ज़नाब ;
पति की दहलीज पर बैठी…
पापा की बेटी से तो पुछो….!


हुस्न वाले जब तोडते है दिल किसी का,,
बड़ी सादगी से कहते है मजबूर थे हम।।


 

सुनो जान!!!!
चलो ना उस रब से एक दूसरे को माँग ले।।।।

क्या करोगे

मेरे पास आकर

खो दिया है तुमने मुझे

बार बार आज़मा कर


एक हि बार मे दिल तोड़ दिया,,,
तुम तो लोहार कि बेटी लगती हो।।।


मैं रोज़ यही याद रखती हूँ,,
कि
मुझे तुझे भुल जाना है।।

 


सिने में दर्द है,,

पर अब आँखों में आँसू नहीं।।


क्या तुम जानते हो मेरे दिल की बात,,,
खेर छोडो़
जानते होते तो मेरे होते।।।


ओर जब मिलेंगे हम,,,
दिल धड़केगा नहीं,,, थिरकेगा।।।


तेरी याद है या करजा
वक्त के साथ बढती
ही चली जारी है !


मोहब्बत सिर्फ शुरु होती हैं
कभी खत्म नहीं होती।।।


कई परहेज़ रखने होते है,,,
ये इश्क़ कोई आम बिमारी नहीं।।।


ख्वाब पालने का वक्त किसको है,,
सबने गलतफहमीया पाल रखी है।।


कभी कभी खुद की बहुत याद आती है,

कितना खुश रहा करती थी में


 शिकायतें सब मंजुर है तुम्हारी,,
लेकिन जब मुस्कुरा कर कहो।।


रिश्ता जताया नहीं निभाया जाता है
फिर चाहे वो दुर हो या पास


एक क्षण में तोड़ गये वो रिश्ता
बनाते हुए जिसे एक अरसा लग गया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *